Lucknow To Varanasi Distance

Lucknow To Varanasi : बनारस में घूमने की जगहें

Lucknow To Varanasi Distance : क्या आप लखनऊ से बनारस की पवित्र गलियों तक का सफर करने की सोच रहे हैं? तो तैयार हो जाइए एक रमणीय सड़क यात्रा के लिए, जो आपको इतिहास, आध्यात्म और संस्कृति के संगम में ले जाएगी।

Lucknow To Varanasi Distance By Road :

via Purvanchal Expy5 hr 3 min (312.8 km) 
via NH7315 hr 16 min (293.3 km)
via NH 196 hr 19 min (319.7 km) 

लखनऊ और बनारस के बीच की सीधी दूरी लगभग 313 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यात्रा में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग सकता है। यात्रा का समय ट्रैफिक, मौसम और आपके चुने हुए मार्ग के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।

1. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway): यह सबसे तेज और आरामदायक विकल्प है। टोल रोड होने के कारण इसमें आपको थोड़ा अधिक खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन इसका लाभ यह है कि इसमें कम ट्रैफिक और यात्रा का कम समय है।

2. NH 19 और NH 731: यह पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो शहरों और कस्बों से होकर गुजरता है। इसमें आपको ज्यादा ट्रैफिक मिल सकता है, लेकिन आपको रास्ते में स्थानीय बाजारों और भोजनालयों का अनुभव होगा।

Lucknow To Varanasi Distance By Flight :

लखनऊ से वाराणसी के बीच सीधी हवाई दूरी लगभग 260 किलोमीटर है। हवाई मार्ग से यात्रा में लगभग 1 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप flight से यात्रा करना चाह रहे है तो आप लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Chaudhary Charan Singh International Airport) से उड़ान भर सकते हैं और वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Lal Bahadur Shastri International Airport) पर पहुँच सकते हैं। इंडिगो एयरलाइंस इस मार्ग पर कनेक्टिंग उड़ानें संचालित करती हैं.

Lucknow To Varanasi Distance By Bus :

लखनऊ से वाराणसी की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 299 किलोमीटर है। बस से यात्रा करने में आपको लगभग 5 से 7 घंटे का समय लग सकता है। यात्रा का समय बस सेवा और ट्रैफिक के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है। आपको कई तरह की बस सेवाएं मिल जाएंगी, जिनमें सरकारी और निजी दोनों बसें शामिल हैं। किराया आपकी चुनी हुई सेवा और सीट के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकता है।

अगर आप सरकारी बस से सफर करना चाह रहे हैं तो आप उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (upsrtc) की website “https://upsrtc.up.gov.in” पर जाकर अपनी सीट बुक कर सकते हैं.

मुझे उम्मीद है कि यह जानकारी आपके काम आएगी!
आपकी यात्रा शुभ हो

Places To Visit In Varanasi : बनारस में घूमने की जगहें

वाराणसी को हिंदू धर्म के पवित्र स्थलों में माना जाता है इसीलिए वाराणसी को काशी के नाम से भी जाना जाता है। वाराणसी शहर अपनी प्राचीन संस्कृति, आध्यात्मिक महत्व और गंगा नदी के किनारे बने घाटों के लिए प्रसिद्ध है। यदि आप वाराणसी की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां कुछ दर्शनीय स्थल हैं जिन्हें आप अवश्य देखें:

गंगा आरती (Ganga Aarti Varanasi) : अगर आप बनारस गए और गंगा आरती को देखे बिना ही घर आ गए तो आप बनारस के इस सुकून वाले अनुभव मिस कर देंगे।आपकी वाराणसी यात्रा गंगा आरती के बिना अधूरी है। बनारस में शाम के समय दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती होती है जिसे देखने के बाद एक अलग ही सुख का अनुभव होता है। आरती के दौरान दीपों की जगमगाहट और भक्तिमय मंत्र गंगा नदी के पवित्र जल को और भी दिव्य बना देते हैं। बता दें कि गंगा की आरती का समय शाम 7:00 बजे निर्धारित रहता है.

Ganga Aarti Varanasi

काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) : यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मंदिर की सुनहरी सोने से बनी गुंबद दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच लेती है। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रतिदिन सुबह 4 बजे खोला जाता है। हालाँकि, आपको मंदिर में दर्शन के लिए थोड़ी लाइन लगानी पड़ सकती है।

Image : Wikipedia

दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat) : वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक, दशाश्वमेध घाट धार्मिक अनुष्ठानों और आरतियों का केंद्र है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां दस अश्वमेध यज्ञ किए थे। इसलिए इस घाट का नाम दशाश्वमेध घाट पड़ा।आप यहां नाव की सवारी कर सकते हैं और गंगा नदी के किनारे के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

अस्सी घाट (Assi Ghat) : यह घाट वाराणसी के दक्षिणी छोर पर स्थित है और शाम के समय यहां काफी चहल-पहल रहती है। अस्सी घाट का नाम असी नदी से पड़ा है, जो गंगा नदी में यहाँ मिलती है। आप यहां योग करते लोगों, सड़क कलाकारों और स्थानीय विक्रेताओं को देख सकते हैं।

Assi Ghat Varanasi
Image : Tourism India

मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat) : यह वाराणसी में अंतिम संस्कार करने के लिए प्रसिद्ध घाट है। यहां की यात्रा एक गहन आध्यात्मिक अनुभव हो सकती है, जो जीवन और मृत्यु के चक्र के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती है। हिंदु मान्यता के अनुसार मणिकर्णिका घाट में अंतिम संस्कार करने से आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। इस घाट पर कई चिताएं हमेशा जलती रहती हैं।

सारनाथ (Sarnath) : वाराणसी से लगभग 10 किमी दूर स्थित सारनाथ बौद्ध धर्म के चार प्रमुख स्थलों में से एक है। सारनाथ में कई बौद्ध मठ और स्मारक हैं. यहां आप सारनाथ संग्रहालय, धमेख स्तूप और बोधिवृक्ष देख सकते हैं, जहां गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

अन्य दर्शनीय स्थल: वाराणसी में कई अन्य मंदिर, संग्रहालय और किले हैं जिन्हें आप देख सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • तुलसी मानस मंदिर
  • रामनगर का किला
  • भारत माता मंदिर
  • ज्ञान वापी कुआं
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
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