Lucknow To Prayagraj Distance

Lucknow To Allahabad

Lucknow To Allahabad Distance : लखनऊ और प्रयागराज (इलाहाबाद) के बीच की दुरी लगभग 200 किलोमीटर है, जिसको तय करने में आपको लगभग 4 से 5 घंटे लग सकते हैं।
प्रयागराज (Prayagraj), उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में से एक है जिसे पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश के इस शहर को तीर्थराज या त्रिवेणी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहाँ तीन नदियों का संगम होता है गंगा, यमुना और सरस्वती। प्रत्येक 12 वर्ष में यहां कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है, जो विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है। करोड़ों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं और त्रिवेणी संगम में स्नान करते हैं।

Lucknow To Allahabad Distance By Road :

via Lucknow Rd/Raibareli Rd and Lucknow – Prayagraj Rd/Piro – Jagdishpur Rd4 hr 42 min  (200 km)
via Purvanchal Expy5 hr 30 min (262 km)
via Sultanpur – Lucknow Rd/Varanasi – Lucknow Rd and NH7315 hr (237 km)
Prayagraj Railway Station

Places To Visit In Prayagraj (Allahabad) :

त्रिवेणी संगम को त्रिवेणी संगम इसलिए कहा जाता है क्यों की यहाँ हिंदू धर्म की तीन सबसे महत्वपूर्ण नदियों का मिलन होता है ,और यह इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक माना जाता है. यहाँ हर 6 साल में अर्ध कुंभ और हर 12 वर्ष में कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है जिसे विश्व का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। अर्ध कुंभ और कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल होते हैं और संगम पर स्नान करते हैं। यहाँ आप नाव या बोटिंग भी कर सकते हैं।

Triveni Sangam Allahabad

2- आनंद भवन (Anand Bhawan Museum)

1930 के दशक में जब स्वराज भवन, नेहरू परिवार का पुराना निवास, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का मुख्यालय बन गया, तब मोतीलाल नेहरू ने रहने के लिए 1930 में एक हवेली खरीदी जिसे आनंद भवन (Anand Bhawan) के नाम से जाना जाता है। मोतीलाल नेहरू ने स्वयं इस दो-मंजिला हवेली को डिजाइन किया था। आनंद भवन सिर्फ एक भव्य हवेली नहीं है, बल्कि यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण साक्षी भी है। नेहरू परिवार के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका के कारण, यह हवेली राष्ट्रीय आंदोलन की गतिविधियों का केंद्र बन गई।
1970 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आनंद भवन को भारत सरकार को दान कर दिया। इसे एक राष्ट्रीय संग्रहालय में बदल दिया गया, जो नेहरू परिवार के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को संरक्षित करता है। आज, आनंद भवन प्रयागराज के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

Anand-Bhavan Prayagraj

प्रयागराज (इलाहाबाद) किले का निर्माण 1583 में अकबर द्वारा करवाया गया था, जो 45 साल में बनकर तैयार हुआ था। यह किला गंगा और यमुना नदियों के तट पर स्थित है। कहा जाता है की इलाहाबाद किला, अकबर द्वारा बनवाया गया सबसे ऊँचा किला है। यह किला अपने अक्षयवट वृक्ष (बरगद का पेड़) के लिए भी प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्थानीय लोग मोक्ष प्राप्त करने के लिए आत्महत्या करने के लिए इसी पेड़ का इस्तेमाल करते थे। जो लोग अक्षयवट वृक्ष को देखना चाहते हैं, उन्हें उस विशिष्ट क्षेत्र में बने एक छोटे से द्वार से प्रवेश करना पड़ता है, जहां यह विशाल पेड़ स्थित है।

Akbar Fort Prayagraj

Helpline Number :

CM Helpline1076
Women Power Line1090
Child Helpline1098
Websiteprayagraj.nic.in

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